नया क्या है?
व्हाईट
ब्रधरहूड की
और से हमे जिस
प्रकार की जानकारी
मिलती है उस
के बारे में
आप को समझाने के
लिए और विश्व
की वर्तमान
घटनाओ के बारे
में आप के
संभवित
प्रश्नो के
निवारण के लिए
हम आपको ताज़ा
ट्रांस सेशन
की प्रतिलिपि
के कुछ हिस्से
देंगे.
प्रतिलिपि का
पहला हिस्सा
परिचय है जिस
से व्हाईट
ब्रधरहूड का
सेशन हंमेशा
शुरू होता है.
दूसरे हिस्से
में एसोटेरिक
सोसायटी के एक
सदस्य द्वारा
पूछे गये सवाल
का जवाब है.
ट्रांस सेशन
के दौरान क्या
होता है और
ट्रांस सेशन
को संभवित
बनाने के लिए
एसोटेरिक
सोसायटी खुद
को कैसे तैयार
करती है इस की
संपूर्ण
जानकारी के
लिए हम आपको
हमारा परिचय
पढने की सलाह
देते है.
सप्टेम्बर 6, 2005
के सेशन में
से
“गूड
ईवनिंग. आप से,
समूह से
संपर्क करने
में, पृथ्वी
पर हो रही
महान
गतिविधियों
के बारे में
आप को जानकारी
देते हुए हमे
बहुत आनंद हो
रहा है. जिन
के बारे में
हमने दशको से
भविष्यवाणी
की है वैसे
बहुत बडे
परिवर्तन हो
रहे है.
पृथ्वी पर
खलबली मची हुई
है. पृथ्वी पर
हवामान
संबंधित
विध्वंस की
तादात बढती
चली जा रही है
और पृथ्वी की
धुरी खिसक रही
हो एसी
चेतावनी मिल
रही है. एसा
लगता है कि एक
जोखिमभरे
स्वरूप में एक
ही साल में
ज्यादातर
विध्वंस और
हवामान
संबंधित दुर्घट्नाए
हो रही है:
जैसे की बहुत
पानी, झंझावात,
गरमी और ठंडी
का काल.
पृथ्वी पर
बहुत सी
विचित्र और
जहां पहले एसे
हादसे कभी न
हुए हो एसी
जगहो पर ये सब
हो रहा है. सब
कुछ तीव्र गति
से घट रहा है
और आदमी उस
में सानुकूलन
साधने का
प्रयास कर रहा
है. यह कोई सज़ा
नहीं है, ऊपर
से आया हुआ
कोई फैंसला
नहीं है, और
फिर भी यह पृथ्वी
की धुरी
खिसकने से
पैदा हुइ एक
तार्किक असर
है. इस की वजह
से महासागरों
में गरम और
ठंडे पानी के
अलग अलग प्रवाह
बहते है और
हवामान के
संजोग बहुत
जल्द बदल जाते
है. हालांकि
दशको के बाद
पृथ्वी एक बार
फिर से नयी
स्थिरता
प्राप्त
करेगी. मानव
समुदाय खुद को
परिस्थिति के
मुताबिक
ढालने में
समर्थ है और
आप देखेंगे कि
सभी विध्वंस
को सानुकूल
होते होते
आदमी और
ज्यादा सशक्त
होगा संजोग की
मार झेलते हुए
वह महानतम
अन्तर्द्रुष्टि
पायेगा. आप
जानते है की
यहां आदमी का
जिक्र हवामान,
पृथ्वी और
प्रकृति के
परिप्रेक्ष्यमें
सबसे कमज़ोर
कडी के रूप
में किया गया
है. इन घटनाओ
से मानव
समुदाय के पैर
फिर से ज़मीन
पर आ जाते है
और आदमी को
अन्तर्द्रुष्टि
मिलती है. इस
से मानव
समुदाय को
प्रकृति से
बेहतर रिश्ते
से जुडने की
और हवामान एवम
पृथ्वी के
परिप्रेक्ष्य
में अलग संबंध
से खडे रहने
की सीख मिलती
है. एक बार फिर
से हम दोहराते
है कि यह कोई
सज़ा नहीं है.
यह कारण और
असर के
तार्किक
नियमानुसार
हो रहा है. वह
सज़ा के रूप
में या फिर
कोई क्रोधित
देवता की बदले
की भावना के
रूप में आदमी
पर कभी हमला
नहीं करेगा. वह
अन्तर्द्रुष्टि
सीखाने और
मानव समुदाय को
मज़बूत बनाने
के लिए
वैश्विक रूप
से कार्य करता
है.
3 वर्ल्ड
ट्रेड सेंटर
के टावरयुग्म
और पेंटागॉन
पे आतंकी हमलो
की बुश
प्रशासन को
पहले से
जानकारी थी और
हमले करनेवाले
अपराधीओ को
मौका देकर या
फिर हमले की पूर्वयोजना
बनाकर
मुस्लिम
विश्व में
आतंक को ऊकसाने
के मकसद से
बनाई गई साज़िश
में बुश प्रशासननें
सक्रिय सहयोग
दिया है?
“कोई इस को
इस तरह देख
सकता है: जिस
तरह से आप के
देश में पिम फॉर्टुन1) की हत्या के
किस्से में
हुआ है उसी
तरह टावरयुग्म
और
वॉशिंग्ट्न
पे हमले की
योज़ना बहुत लंबे
अरसे पहले
बनायी गई थी. पेंटागॉन
को इस योजना
का पता था और
उन्हे पता था
की यह तो होना
ही है.
उन्होने इसे
होने दिया. इस
तरह उन्होने
मध्यपूर्व पर
हमले का बहाना
खोज़ निकाला
जिससे जवाबी
हुमला करने ले
लिये उन्हे
कोई लाज़मी
कारण मिल सके
और किसी की
तलाश में कई
देशोमें
छानबिन कर सके2). इस तरह से
उन्हे
मध्यपूर्व
में किसी भी
जगह घूसपैठ
करने, तेल में
से ढेर सारी
आमदनी पाने और
विश्व के
व्यापार पर
अपनी हकूमत
जमाने के लिए
उन के पास
लाज़मी कारण था
जिस से वह
पृथ्वी पर शासन
कर सके. फ़िर भी
कॉस्मिक लॉ से
आप को मालूम
है कि कोई खुद
को सत्ता की
बदौलत समृद्ध
करता है और
सत्ता की
वासना और उस
के बहकावे में
आ कर निरंकुश
वर्ताव करता
है तो एक दिन इस
व्यक्ति को या
देश को इस के
बूरे परिणाम
भुगतने
पडेंगे. कर्म
का सिद्धांत,
कारण और असर
का कानून
हंमेशा यही
कहेगा की जो
देश औरो पर
हकूमत चलाता
है उस की खुद
की हकूमत एक
दिन छिन जायेगी.
यह कोई सज़ा या
बदले की भावना
या गुस्सेमें या
कोई क्रोधित
देवता के कारण
नहीं हो रहा
किंतु अकेले
कॉस्मिक लॉ के
मुताबिक हो
रहा है. अगर
कोई बांयी और
एक कदम बढाता
है तो कुछ और
चीज़ दांयी और
कदम बढायेंगी.
वह चीज़ हंमेशा
संतुलन पसंद
करेगी. अच्छाई
या बुराई के
किस्से में भी
इसी प्रकार
होता है क्यूं
कि कर्म के
सिद्धांत को
अच्छे या बुरे
का फर्क मालूम
नहीं है. वह
सिर्फ कानून
जानता है. इसी
वजह से इस
देशने खुद को
सत्ताविहीन
कहा है. जैसे
कुदरती
आपत्तिओ के
सामने
सत्ताविहीनता,
अपने खुद के
तेल ऊत्पादन
में
सत्ताविहीनता.
इसी तरह ये
देश एसा बना
है जो उसने
कभी बनना नहीं
चाहा: अपने
खुद के देश
में सत्ताविहीनता.
कर्म का
सिद्धांत
यहीं सूचित
करता है, जो
जैसा बोयेगा
वह वैसा
काटेगा.”
अनुवादक की
और से सूचना:
1)पिम फॉर्टुन
एक डच राजनेता
थे जिन की
हत्या चुनाव
के पांच दिन
पहले हुई थी.
टावरयुग्म और
पेंटागॉन
हमले के साथ
ही ध व्हाईट
ब्रधरहूड
कहता है कि
फ़ॉर्टुन की
ह्त्या की
साजिश के बारे
में डच
गुप्तचर
तंत्र को
मालूम था
लेकिन
उन्होने एसा
होने दिया
क्यूंकि पिम
फॉर्टुनने
निहित
स्वार्थ को
धमकी दी थी.
2) यहां
ध व्हाईट
ब्रधरहूड
ओसामा बिन
लादेन का ज़िक्र
कर रहा है जो
कि ध व्हाईट
ब्रधरहूड के
मुताबिक
अफ़घानिस्तान
में तोराबोरा
की पहाडीओ में
बमवर्षा के
दौरान मारा
गया था.